ऐसे ठेकेदार के काम से कितना सुरक्षित होगा आपका घर? ठेकेदार नरेंद्र सोनकर की असली हकीकत उजागर, भवन मालिकों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की

मिथलेश आयम, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (खबरो का राजा) : क्षेत्र में भवन निर्माण कार्य को लेकर ठेकेदार नरेंद्र सोनकर पर लगातार गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। भवन मालिक श्रीमती बबीता सिंह यादव ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार ने उनसे अनुबंध राशि का अधिकांश हिस्सा ले लिया, जबकि उनके भवन का लगभग 45% निर्माण कार्य अभी अधूरा है। उनका कहना है कि अब केवल 10% के आसपास भुगतान शेष है, लेकिन ठेकेदार ने कार्य बीच में ही रोक दिया है।
श्रीमती यादव के अनुसार, भवन निर्माण में कई तकनीकी गलतियां की गईं। जब इस संबंध में राज मिस्त्री पेटीठेकेदार संघ के कोषाध्यक्ष ने ठेकेदार को त्रुटियों को सुधारने और दोषपूर्ण हिस्सों को तोड़कर दोबारा मानक के अनुसार बनाने के लिए कहा, तब ठेकेदार ने अपने ही संघ की बात मानने से इंकार कर दिया और सीधे शब्दों में काम छोड़ने की बात कर दी। श्रीमती यादव का कहना है “जब ठेकेदार बनने की योग्यता नहीं है, तो क्यों लोगों को गुमराह कर काम लेते हैं?
लोग अपने सपनों का घर बनाते हैं, और ठेकेदार की मनमानी से कार्य रुकावटों में फंस जाता है।” उनके अनुसार, ठेकेदार बार-बार अतिरिक्त पैसे की मांग करता है और कहता है “जो करना है करो, मैं कोर्ट से नहीं डरता, जहाँ जाना है जाओ”।इस मामले में एक अन्य भवन मालिक राजेश तुर्केल ने भी बयान दिया कि ठेकेदार नरेंद्र सोनकर ने उनसे समय से पहले राशि ले ली और बाद में निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर भाग गया, जिसके चलते उन्हें अपना निर्माण कार्य किसी अन्य ठेकेदार से कराना पड़ा।
उन्होंने कहा कि ठेकेदार की इस हरकत से उन्हें भारी मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ठेकेदार कई भवन मालिकों के साथ इसी तरह सौदेबाजी कर आधा-अधूरा काम छोड़ देता है, और बहाने बनाकर उन्हें गुमराह करता है। यह उसका “आदतन व्यवहार” बन चुका है। इतना ही नहीं, भवन निर्माण कार्य में नाबालिग बच्चों से काम कराने और बिना किसी सुरक्षा मानक के जोखिमपूर्ण काम करवाने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार बिना किसी उचित लाइसेंस के काम कर रहा है और लोगों को ठगने का कार्य कर रहा है। श्रीमती बबीता सिंह यादव सहित अन्य पीड़ित भवन मालिकों ने ठेकेदार नरेंद्र सोनकर पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई और व्यक्ति उसकी मनमानी और धोखाधड़ी का शिकार न बने।





